सिर पर सीताराम फ़िकर फ़िर क्या करना

राम राम राम राम श्री राम
तुलसी सीता राम रत हिय रखो विश्वास
कबहुँ बिगडत ना सुने श्री राम चंद्र के दास।।

सिर पर सीताराम फ़िकर फ़िर क्या करना
सिर पर सीताराम फ़िकर फ़िर क्या करना
तेरे बिगड़े बनेगे काम्, फ़िकर फ़िर क्या करना।।

क्या करना क्या करना क्या करना
तेरे बिगड़े बनेगे काम्, फ़िकर फ़िर क्या करना।।

सिर पर सीताराम फ़िकर फ़िर क्या करना
तेरे बिगड़े बनेगे काम्, फ़िकर फ़िर क्या करना।।

पितु रघुबर श्री जानकी मैया,फ़िर क्यों परेशान हो भैया
तेरे कटेगे कष्ट तमाम्, फ़िकर फ़िर क्या करना।।

जो जन रामकथा सत्संगी,उनके सहायक श्री बजरंगी
अतुलित बल के धाम फ़िकर फ़िर क्या करना।।

अगर प्रबु मन मानी करेगे नही शरनाघत पीर हरेगे
होगा बिरद बदनाम फ़िकर फ़िर क्या करना।।

अब राजेश ना आह भरो तुम, नहीं व्यर्थ परवाह करो तुम
रटो राम जी का नाम, फ़िकर फ़िर क्या करना
सिर पर सीताराम, फ़िकर फ़िर क्या करना।।

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