मेरी कुटिया दे भाग अज खुल जानगे राम औनगे

मेरी कुटिया दे भाग अज खुल जानगे राम औनगे
राम औनगे ता संगता नु पार लाऊनगे राम औनगे
मेरी कुटिया दे भाग अज खुल जानगे राम औनगे।।

मेरे विच कोई प्रेम वाली गल ना कोई गल ना
पूजा पाठ दा वी मेनू कोई बल ना कोई बल ना
हो राम औनगे ता चरण दे नाल लाऊंन गे राम औनगे,
मेरी कुटिया दे भाग अज खुल जानगे राम औनगे।।

ओह ता छोटी बड़ी जात नहियो वेखदे नहियो वेख दे,
कोई बड़ी वी सोगात नहियो वेखदे नहियो वेखदे
सचे भगता दे बेड़े आपे पार लाऊंनगे राम औननगे
मेरी कुटिया दे भाग अज खुल जानगे राम औनगे।।

सुख दुःख विच राम नाम जपिए सदा जपिए
मन ओहदी रजा विच राजी रखिये राजी रखिये
सची ज्योत वाले सब नु दीदार होंगे राम औनगे
मेरी कुटिया दे भाग अज खुल जानगे राम औनगे।।

Leave a Reply