पुष्प भगवान

दर्शन है यह;
यह साक्षात्कार है।
सिर्फ देखने की चीज नहीं है
इस अनुभव का कोई और नाम है नहीं!

यह सिर्फ़ फूल के विकसित होने की
सामान्य प्राकृतिक घटना है नहीं!
भावपूर्ण मन से देखो
भव्यरूप इस फूल का
नारा लगा रहा है अपने आप
“यह मेरा अवतार है”

इस बगीचे में
इस संध्या समय में
इस सुनहली धूप में
ध्यानमग्न हो देखोगे तो
होगा प्रत्यक्ष-
यह है महान अवतार
इसे देखना ही है साक्षात्कार,
हे पुष्परूपी भगवान
लो तुम्हें मेरा नमस्कार!
यह साष्टांग नमस्कार!

कन्नड़ कविता हिन्दी में : कुपल्ली वेंकटप्पागौड़ा पुटप्पा (कुवेम्पु)
Kannada Poetry in Hindi : Kuppali Venkatappa Puttappa (Kuvempu)

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